हरिद्वार (गौरव कुमार) ऋषिकुल राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज के बीएएमएस छात्रों का कक्षा बहिष्कार और विरोध प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी है। छात्र-छात्राएं परीक्षाओं में लगातार देरी, परिणाम घोषणा न होने और शैक्षणिक अनिश्चितता से परेशान हैं। उनका आरोप है कि इन कारणों से 5 वर्षीय कोर्स 7-8 वर्ष तक खिंच रहा है, जिससे छात्रों पर गहरा मानसिक दबाव पड़ रहा है।
बता दें कि बीएएमएस द्वितीय वर्ष के छात्र यशपाल निवासी गोरखपुर, उत्तर प्रदेश की आत्महत्या के बाद छात्रों ने आंदोलन की राह पकड़ी है।
बता दें कि यशपाल ने 14 फरवरी को गंगनहर में कूदकर अपनी जान दे दी थीं। पुलिस ने उनके कमरे से सुसाइड नोट बरामद किया, जिसमें लिखा था मैं असफल इंसान हूं… जीवन में कुछ नहीं कर सका, माफ करना… जिंदगी से हार गया। छात्रों का दावा है कि परीक्षा देरी और परिणाम न आने से यशपाल अवसाद में चला गया था। घटना के बाद छात्रों ने कॉलेज गेट पर तालाबंदी की और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की थीं। उन्होंने परिषद निदेशक का घेराव भी किया था। छात्रों ने मांग की है कि परीक्षाएं समय पर हों, परिणाम जल्द जारी किए जाएं।
ऋषिकुल राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में तीसरे दिन भी बीएएमएस छात्रों का कक्षाओं से बहिष्कार