भूमि घोटाले के आरोपों पर प्रशासन झुका, मातृ सदन का 10 दिवसीय अनशन समाप्त

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हरिद्वार। जगजीतपुर स्थित मातृ सदन आश्रम में ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद का 10 दिनों से चल रहा अविछिन्न अनशन सोमवार रात करीब 8:40 बजे खत्म हो गया है। प्रशासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चली दो घंटे वार्ता के बाद प्रशासन ने उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल की। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के आदेश पर उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार सहित सीओ सिटी और अन्य अधिकारी आश्रम में मातृ सदन से मिलने पहुंचे थे। लिखित आश्वासन (अंडरटेकिंग) की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंचने पर ब्रह्मचारी ने अनशन समाप्त कर दिया।
बता दें कि अनशन मुख्य रूप से हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण द्वारा भूमि उपयोग और कॉलोनी विकास से जुड़ी अनियमितताओं के विरोध में था। शिकायत में उल्लेख है कि केवल खसरा संख्या 158 और 154 के लिए स्वीकृति होने पर भी अन्य खसरा नंबरों का उपयोग कर पूरी कॉलोनी को प्राधिकरण-अनुमोदित बताकर विज्ञापित किया जा रहा है। साथ ही कई खसरों खसरा में घने आम के बागों को अवैध रूप से रातोंरात काटकर भूमि को कॉलोनी के लिए साफ किया गया।प्रकरण की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), हरिद्वार की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की गई है। समिति में उप जिलाधिकारी हरिद्वार, अधिशासी अभियंता (हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण), राजस्व निरीक्षक बिजेंद्र गिरी, अजय कपिल तथा राजस्व उप निरीक्षक हरेन्द्र यादव, पंकज कुमार सदस्य हैं। जिलाधिकारी ने समिति को एक सप्ताह के अंदर विस्तृत जांच रिपोर्ट हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

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