‘जब तक न्याय नहीं, अनशन नहीं टूटेगा’-मातृ सदन का प्रशासन को दो टूक संदेश

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हरिद्वार। ब्रह्मचारी आत्मबोधनंद का अनशन रविवार को नौवें दिन में प्रवेश कर चुका है। मातृ सदन में जारी यह सत्याग्रह जनपद हरिद्वार में व्याप्त भ्रष्टाचार, भू माफिया के संरक्षण और प्रशासनिक अराजकता के खिलाफ है। मातृ सदन का कहना है कि शनिवार में प्रशासन और पुलिस के प्रतिनिधियों से वार्ता हुई, लेकिन कोई सकारात्मक आश्वासन न मिलने पर अनशन जारी रखने की घोषणा की गई।
मातृ सदन का मुख्य आरोप है भाजपा के प्रभावशाली नेता और एक पुलिस अफसर पर हैं, जिन्हें भू माफिया को संरक्षण देने का जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
मातृ सदन का कहना है कि 28 जनवरी 2026 को नूरपुर पंजनहेड़ी में अमित चौहान और उसके जानकारों ने पूर्व नियोजित हमला किया। पीड़ित की प्रथम तहरीर पर एफआईआर न दर्ज कर, हमलावरों के पक्ष में दो घंटे बाद एफआईआर की गई। 30 जनवरी को दूसरी एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन हमलावरों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं। सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने के बावजूद पुलिस आत्मरक्षा को अनदेखा कर रही है।
मातृ सदन मांग करता है: हाई-लेवल जांच कमिटी गठित कर भू-उपयोग परिवर्तन, अवैध कॉलोनियां, बाग कटान जैसे मामलों की जांच हो। उत्तराखंड की सीमित कृषि भूमि को बचाना सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना रोकने जैसा आवश्यक है। भ्रष्ट अधिकारियों की संपत्ति जांच अनिवार्य। जब तक न्याय नहीं, अनशन जारी रहेगा। यह हरिद्वार के अस्तित्व का प्रश्न है।

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