हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन तथा जिलाधिकारी के आदेश पर शहर में मेगा स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। अभियान की शुरुआत डाम कोठी परिसर से हुई, जहां प्राधिकरण के सचिव मनीष सिंह ने अधिकारियों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों को स्वच्छता बनाए रखने की शपथ दिलाई। इसके पश्चात डाम कोठी से भागीरथी घाट तक व्यापक स्तर पर सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें बड़ी मात्रा में कचरा एकत्र कर निस्तारण किया गया तथा आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सोनिका ने कहा कि स्वच्छता किसी एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली सामाजिक जिम्मेदारी है। गंगा नगरी हरिद्वार की पवित्रता और सुंदरता बनाए रखना हम सभी का दायित्व है, जिसके लिए प्रशासन के साथ आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। सचिव मनीष सिंह ने शपथ दिलाते हुए कहा कि स्वच्छ वातावरण स्वस्थ समाज की आधारशिला है। यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय अपने आसपास की सफाई को दे, तो बड़े अभियानों की आवश्यकता स्वतः कम हो जाएगी। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। अधीक्षण अभियंता राजन सिंह ने कहा कि स्वच्छता अभियान को केवल विशेष अवसरों तक सीमित न रखते हुए प्रतिदिन कम से कम एक घंटा “स्वच्छता संदेश अभियान” के रूप में चलाया जाना चाहिए, ताकि शहर में स्थायी सफाई व्यवस्था विकसित हो सके। सहायक अभियंता प्रशांत सेमवाल ने कहा कि कचरा प्रबंधन और नियमित सफाई से ही शहर को स्वच्छ बनाया जा सकता है। नागरिक यदि कूड़ा निर्धारित स्थानों पर डालें और गंदगी फैलाने से बचें, तो अभियान और अधिक सफल होगा। सहायक अभियंता वर्षा ने कहा कि स्वच्छता के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी है। यदि लोग प्रतिदिन एक घंटा स्वच्छता को समर्पित करें, तो हरिद्वार को स्वच्छ और आदर्श नगर बनाया जा सकता है। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी विनोद कुमार राव, सहायक अभियंता की एस पवार, अवर अभियंता प्रिया सैनी, शबाना आजमी, संदीप उनियाल, अभिजीत सैनी, शुभम सैनी, विकास, सौरभ, राघव रामपाल, नंदन सिंह नेगी, प्रवीण माथुर, आलोक आदि उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी के आदेश पर आयोजित इस मेगा अभियान ने गंगा नगरी की पवित्रता को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम