हरिद्वार। जिले की कोसी नदी में इस वर्ष खनन चुगान ने सभी पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। जिला प्रशासन के प्रभावी प्रयासों से अक्टूबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक कोसी नदी में 41,874 वाहन चक्कर लगाकर 5,01,997.05 टन उपखनिज की निकासी हुई। यह आंकड़ा पिछले वर्षों से कई गुना अधिक है। तुलना में, 2022-23 में 12,916 वाहन से 1,58,754.55 टन, 2023-24 में 13,122 वाहन से 1,55,724.44 टन और 2024-25 में मात्र 822 वाहन से 98,657.86 टन ही निकासी हो पाई थी।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पारदर्शी और समयबद्ध खनन चुगान नीति के सख्त क्रियान्वयन से यह उपलब्धि हासिल हुई। राज्य सरकार की वार्षिक नीतिगत व्यवस्था से खनन राजस्व में भारी वृद्धि हुई है। साथ ही मजदूरों, वाहन चालकों और मालिकों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिला। मजदूरों को सुरक्षात्मक उपकरण, कंबल और पानी छिड़काव जैसी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई गईं।
गौला नदी में भी अभूतपूर्व प्रदर्शन दर्ज हुआ। इस वर्ष 2,22,664 वाहन चक्कर से लगभग 2.14 करोड़ टन उपखनिज निकासी हुई। पिछले वर्षों में 2022-23 में 6,018 वाहन से 4,14,345.42 टन, 2023-24 में 47,975 वाहन से 51,41,445.48 टन और 2024-25 में 24,345 वाहन से 23,57,708.76 टन निकासी हुई थी।
नन्धौर नदी में 2024-25 में कोई निकासी नहीं हुई थी, लेकिन इस वर्ष 26,824 वाहन चक्कर से 2,17,763.60 टन उपखनिज निकासी का नया रिकॉर्ड बना। 2022-23 में सिर्फ 50 वाहन से 331.61 टन और 2023-24 में 10,438 वाहन से 99,784.71 टन निकासी हुई थी।