हरिद्वार। रोशनाबाद ग्राम पंचायत में तेजी से बन रही औद्योगिक कंपनी ग्रामीणों और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। यह पूरा क्षेत्र आवासीय और ग्राम सभा श्रेणी का है, जहां सैकड़ों परिवार रहते हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि कंपनी निर्माण स्थल के ठीक बगल में सरकारी प्राथमिक विद्यालय स्थित है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों मासूम बच्चे पढ़ाई करते हैं।
औद्योगिक गतिविधियों से भारी वाहनों की आवाजाही, मशीनों का शोर, धूल-प्रदूषण और दुर्घटना का खतरा बच्चों के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। कोई भी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
दूसरा प्रमुख मुद्दा कंपनी का मुख्य गेट है, जो गांव के अंदरूनी मुख्य रास्ते पर खुलने वाला है। यही रास्ता ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का रोजाना का प्रमुख मार्ग है। भारी वाहनों से जाम, दुर्घटनाएं और आम जनजीवन में भारी असुविधा निश्चित है।
जब कंपनी के पास सिडकुल क्षेत्र की ओर से वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध है, जिसे गांव से बाहर ही निकाला जा सकता है, तो मुख्य रास्ते का उपयोग क्यों? इससे ग्रामीणों को कोई परेशानी नहीं होगी और बच्चों की सुरक्षा भी बनी रहेगी।
ग्रामीणों की मांग है कि कंपनी को क्षेत्र से हटाया जाए या प्रवेश मार्ग तुरंत बदल दिया जाए। यह मामला महज विकास का नहीं, बल्कि जनसुरक्षा, बच्चों के भविष्य और ग्रामीण अधिकारों का है।