हरिद्वार। भगवानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिनारसी गांव में रविवार को संत रविदास जयंती की शोभायात्रा के उपरांत हुए दो गुटों के बबाल में पुलिस ने दोनों तरफ से 26 लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया है। पुलिस ने 40 से ज्यादा लोगों को घटना के बाद पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। जबकि दोनों पक्षों के कई लोग परिवार सहित घर से फरार हैं। गांव को अभी भी पूरी तरह छावनी में तब्दील किया हुआ है। बता दें कि रविवार शाम बिनारसी गांव में शोभायात्रा के उपरांत अचानक भयंकर हिंसा भड़क उठी। एक ही समुदाय के इन गुटों में पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते पत्थरबाजी और गोलीबारी में बदल गई। इस खूनी टकराव में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। प्रसाद वितरण के समय दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, जिसके बाद पत्थरबाजी शुरू हो गई। जल्द ही फायरिंग ने स्थिति को और विकराल बना दिया। 28 वर्षीय आनंद पुत्र लक्ष्मीकांत ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे गुट के मांगेराम ने देर रात अस्पताल में अंतिम सांस ली। घायलों में आनंद का भाई विकास और योगेंद्र शामिल हैं, जिन्हें रुड़की सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। हरिद्वार एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 40 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया। एक पक्ष की ओर से 8 लोगों के खिलाफ हत्या, बलवा और आगजनी का मुकदमा दर्ज किया गया, जबकि दूसरे पक्ष ने 18 लोगों पर हत्या और हत्या के प्रयास का केस दर्ज कराया।
भगवानपुर में दो गुटों के खूनी संघर्ष में, 26 नामजद पर केस,40 से अधिक लोग हिरासत में, कई परिवार गांव छोड़कर फरार