HINDUSTAN NEWS TODAY, हरिद्वार। उत्तराखंड पुलिस की ज्वालापुर कोतवाली टीम ने एक बार फिर साहस और संवेदनशीलता का अनुपम उदाहरण पेश किया। जग्गू घाट के पास गंगनहर में डूब रहे एक मानसिक रूप से कमजोर युवक को चेतक पुलिस कर्मियों ने जान जोखिम में डालकर सुरक्षित बचा लिया और सूझबूझ से उसके परिजनों से मिलवाया।
घटना 16 दिसंबर की है, जब जग्गू घाट के निकट गंगनहर में किसी व्यक्ति के डूबने की सूचना मिली। तत्काल मौके पर पहुंची चेतक पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए नहर में छलांग लगा दी और डूबते युवक को बाहर निकालकर कोतवाली लाया। युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ लग रहा था और अपना नाम-पता ठीक से नहीं बता पा रहा था। पुलिस ने उसे जलपान कराया, विश्वास में लिया और सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों से उसकी पहचान करने का प्रयास शुरू किया।
काफी मशक्कत के बाद युवक द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया। परिजनों ने बताया कि युवक का नाम नीरज रावत है, जो मेरठ का निवासी है। वह मेडिकल लाइन में काम करता था, लेकिन मानसिक असंतुलन के कारण 13 दिसंबर को घर से बिना बताए चला गया था। परिजन उसे लगातार तलाश कर रहे थे और पंपलेट भी बंटवा चुके थे।
ज्वालापुर पुलिस ने तुरंत परिजनों को थाने बुलाया और युवक को सकुशल सौंप दिया। परिजनों ने खोये हुए बेटे के मिलने पर उत्तराखंड पुलिस की भूरि-भूरि प्रशंसा की और आभार व्यक्त किया। टीम में शामिल उप निरीक्षक खेमेंद्र गंगवार, कांस्टेबल मनोज डोभाल, दीपक चौहान और अंकित कवि विशेष रूप से प्रशंसनीय हैं।
चेतक पुलिस की साहसिक कार्रवाई: गंगनहर में डूबते युवक को बचाकर परिजनों से मिलाया,