HINDUSTAN NEWS TODAY, हरिद्वार। सिडकुल में एक कंपनी ने सरकारी बोरवेल की लगभग 400 मीटर भूमि पर अतिक्रमण कर लिया। शिकायत उच्च स्तर पर हुई तो मामले की जांच शुरू हो गई। सिडकुल के अधिकारी के मानें तो इस जमीन की कीमत डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक गई है। इस भूमि से सिडकुल ने बोरवेल तब हटाया था जब बोरवैल पूरी तरह खराब हो चुका था। इसमें लगी संबंधित मशीनरी तक हटा ली थी, लेकिन भूमि को अपने कब्जे में नहीं लिया और न ही अतिक्रमण हटाने के कोई प्रयास किए। नतीजतन बोरवेल भूमि से सटी एक कंपनी ने चारों ओर बाउंड्रीवाल बना ली। यही नहीं इस पर निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया। शिकायत के बावजूद क्षेत्रीय प्रबंधक और जूनियर इंजीनियर ने कार्रवाई करनी मुनासिब नहीं समझी। शिकायत प्रबंध निदेशक तथा जीएम सिडकुल तक पहुंचने पर सोमवार को निदेशालय की टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण भूमि और कंपनी का निरीक्षण किया।
उधर, सिडकुल नीति के अनुसार, ऐसी भूमि के आवंटन के लिए बिडिंग प्रक्रिया अनिवार्य है। उच्चतम बोली लगाने वाली कंपनी को ही एमडी स्तर से अनुमति मिलती है, जिसमें कागजी प्रक्रियाएं पूरी करनी पड़ती हैं। जांच रिपोर्ट के बाद मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
बता दें कि इससे चार दिन पूर्व एक अन्य कंपनी ने ग्रीन बेल्ट की करीब 4000 वर्ग फुट भूमि पर अतिक्रमण करने पर एमडी आईएएस शौरभ गहरवार के निर्देश पर अतिक्रमण ध्वस्त कराया गया था। क्षेत्रीय प्रबंधक को फटकार लगाते हुए बेशकीमती भूमि पर अतिक्रमण रोकने की चेतावनी दी गई थी। इसके बाद भी अतिक्रमण की शिकायत उच्च स्तर पर पहुंची।
जीएम सिडकुल पूरन सिंह राणा ने कहा कि शिकायत प्राप्त हुई है और इसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। यदि शिकायत सत्य सिद्ध होती है तो नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।
हरिद्वार के सिडकुल में कंपनी का अतिक्रमण : डेढ़ करोड़ की सरकारी बोरवेल भूमि पर कब्जा, स्थानीय अधिकारियों की बड़ी लापरवाही,