हस्तनिर्मित कला हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, इसे संरक्षित और आगे बढ़ाना हमारा दायित्व : मुख्य विकास अधिकारी

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HINDUSTAN NEWS TODAY, हरिद्वार। ऋषिकुल मैदान में राष्ट्रीय हस्तकला प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा ने कहा कि हस्तनिर्मित कला भारत की अत्यंत प्राचीन और अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है, जो हमारी सभ्यता की पहचान रही है।

उन्होंने कहा, “आधुनिक युग में मशीनों के दौर में भी हस्तशिल्प की लोकप्रियता और मांग बनी हुई है। चाहे सजावट का सामान हो या पेंटिंग, हस्तनिर्मित वस्तुएँ ही लोगों को सबसे अधिक आकर्षित करती हैं। इनकी सुंदरता और विशिष्टता बेजोड़ होती है।”

मुख्य विकास अधिकारी ने आगे कहा कि ऐसे कुशल कारीगरों और शिल्पियों ने वर्षों की मेहनत और लगन से इस कला को जीवित रखा है। आज इनकी कला को बाजार उपलब्ध कराना, इन्हें प्रोत्साहित करना और नई पीढ़ी तक पहुँचाना हम सभी का दायित्व है। हमें मिलकर इन हस्तकलाओं को आगे बढ़ाना होगा ताकि यह विरासत आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचे।

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