HINDUSTAN NEWS TODAY, देहरादून। नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) की पीसीएस मेन्स 2025 परीक्षा पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि प्रीलिम्स परीक्षा-2024 के विवादित प्रश्नों की गहन जांच और संशोधित मेरिट लिस्ट जारी होने तक मुख्य परीक्षा आयोजित नहीं की जा सकती। इससे पहले यह परीक्षा 6 से 9 दिसंबर 2025 तक निर्धारित थी।
मामला जुलाई 2024 में हुई प्रारंभिक परीक्षा से जुड़ा है। अभ्यर्थी कुलदीप कुमार राठी, केशवानंद आदि ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर प्रीलिम्स के कुछ प्रश्नों पर गंभीर आपत्ति जताई थी। याचिकाकर्ताओं का दावा था कि प्रश्नों में तथ्यात्मक त्रुटियां एवं अस्पष्ट विकल्प थे।
न्यायमूर्ति रवींद्र मैथानी एवं न्यायमूर्ति आलोक माहरा की खंडपीठ ने सुनवाई के बाद सेट ‘A’ के प्रश्न संख्या 70 को पूरी तरह हटाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि इस प्रश्न को हटाने से कई अभ्यर्थियों के अंक प्रभावित हुए हैं, इसलिए संशोधित परिणाम आवश्यक है।
कोर्ट ने शेष विवादित प्रश्नों की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने को भी कहा है। आयोग को निर्देश दिया गया है कि विशेषज्ञों की रिपोर्ट आने एवं नई मेरिट लिस्ट जारी होने के बाद ही मेन्स परीक्षा की नई तिथि घोषित की जाए।
इस फैसले से हजारों अभ्यर्थियों की मुख्य परीक्षा अनिश्चितकाल के लिए टल गई है। कई अभ्यर्थी सिर्फ 1-2 अंकों से मेन्स के लिए क्वालीफाई करने से चूक गए थे, जिन्हें अब संशोधित परिणाम से राहत मिलने की उम्मीद है।