HINDUSTAN NEWS TODAY, हरिद्वार जिले के थाना पथरी क्षेत्र के ग्राम धारीवाला में 2 दिसंबर 2025 को एक व्यक्ति की संदिग्ध मौत की सूचना 112 पर मिली। मृतक सुरेश (42 वर्ष) पुत्र सुखबीर का शव घर के कमरे में फर्श पर पड़ा मिला। परिजनों ने इसे फांसी लगाकर आत्महत्या बताया, लेकिन गले पर साफ स्ट्रैंगुलेशन के निशान देखकर थानाध्यक्ष मनोज नौटियाल ने तुरंत फॉरेंसिक टीम बुलाई और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
3 दिसंबर को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुष्टि की कि मौत फांसी से नहीं, बल्कि गला घोंटने (स्ट्रैंगुलेशन) से हुई है। चूंकि मृतक अविवाहित था और परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी थी, इसलिए चौकी प्रभारी फेरूपुर की रिपोर्ट पर मुकदमा संख्या 635/2025 धारा 103(1)/238 BNS अज्ञात के विरुद्ध दर्ज किया गया।
SSP हरिद्वार के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पथरी पुलिस ने मौके से भौतिक साक्ष्य जुटाए और परिजनों से गहन पूछताछ शुरू की। शक की सुई मृतक के भतीजे सुनील (24 वर्ष) पुत्र मेघपाल पर गई, जो सबसे पहले शव के पास पहुंचा था और जोर-जोर से “चाचा ने फांसी लगा ली” का रोना कर रहा था।
सख्ती से पूछताछ में सुनील टूट गया और कबूल किया कि 1 दिसंबर 2025 की रात करीब 9 बजे शराब के नशे में लेटे चाचा सुरेश को उसने आए दिन की गालियां, बेइज्जती और जमीन बेचने की धमकी से तंग आकर चुन्नी से गला घोंटकर मार डाला। हत्या को आत्महत्या दिखाने के लिए उसने चुन्नी गले में बांधी और शव को टीनशेड के एंगल से लटकाने की कोशिश की, लेकिन वजन ज्यादा होने से शव नीचे गिर गया। सुबह परिजनों को खुद सूचना दी कि चाचा ने आत्महत्या कर ली है।
पुलिस ने 48 घंटे के अंदर ही मामले का खुलासा कर आरोपी सुनील को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चुन्नी बरामद की गई। आरोपी को धारा 103(1) एवं 238 BNS के तहत न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
हरिद्वार: चाचा की हत्या कर भतीजे ने रची आत्महत्या की कहानी, पथरी पुलिस ने 48 घंटे में किया खुलासा,