HINDUSTAN NEWS TODAY, हरिद्वार। संविधान दिवस के अवसर पर गढ़ मीरपुर मिनी में स्थानीय निवासी एवं शिक्षाविद् मास्टर दलीप कुमार के निवास पर 26 नवंबर को कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में बच्चों एवं युवाओं ने संविधान के महत्व पर आधारित नारे लगाए।
कार्यक्रम की शुरुआत भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि से हुई। इसके बाद सभी उपस्थित लोगों को भारतीय संविधान की प्रस्तावना पढ़कर संविधान के प्रति निष्ठा एवं समर्पण की शपथ दिलाई गई।
मास्टर दलीप कुमार ने कहा कि भारतीय संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है, जिसमें प्रत्येक नागरिक को मौलिक अधिकार प्रदान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि संविधान ने समाज के कमजोर, गरीब एवं वंचित वर्गों के अधिकारों की विशेष सुरक्षा की व्यवस्था की है। संविधान लचीला होने के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर कठोर प्रावधान भी रखता है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि संविधान के प्रावधानों को जीवन में उतारें तो भारत शीघ्र विकसित राष्ट्र बन सकता है। मास्टर दलीप कुमार ने कहा, “संविधान का अनुच्छेद 21A मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार देता है। शिक्षा ही वंचितों को सशक्त बनाएगी और भारत को विकसित राष्ट्र बनाएगी।
राष्ट्रीय इंटर कॉलेज रोहालकी के प्रिंसिपल सतपाल सिंह ने कहा कि संविधान में अधिकारों के साथ-साथ मौलिक कर्तव्यों का भी उल्लेख है। अधिकारों का उपभोग तभी सार्थक है जब नागरिक अपने कर्तव्यों का पालन करें। कर्तव्यों के प्रति लापरवाही से अधिकारों की रक्षा संभव नहीं है।