HINDUSTAN NEWS TODAY, ब्यूरो, नेशनल भीम आर्मी बहुजन एकता मिशन ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय महिला आयोग और मानवाधिकार आयोग को संबोधित एक पत्र जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा है, जिसमें नगीना लोकसभा से सांसद एवं आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और दलित संगठनों में व्यापक रोष पैदा कर रहा है।
पत्र में कहा गया है कि मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी अनुसूचित जाति की युवती रोहिणी घावरी (पिता शिवकुमार घावरी) के साथ चंद्रशेखर आजाद ने शारीरिक व मानसिक शोषण किया, लेकिन अभी तक पीड़िता को न्याय नहीं मिला। संगठन ने मांग की है कि चंद्रशेखर आजाद की लोकसभा सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाए और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
साथ ही पत्र में 26 नवंबर को मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में आजाद समाज पार्टी द्वारा आयोजित प्रस्तावित महारैली की अनुमति रद्द करने की मांग की गई है। संगठन का दावा है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक पुराने आदेश के अनुसार किसी भी सरकारी या गैर-सरकारी शैक्षणिक संस्थान परिसर में राजनीतिक दल कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं कर सकते। इस आदेश का उल्लंघन करते हुए रैली की अनुमति दी गई है, जिसे तुरंत निरस्त किया जाए।
तीसरी मांग दलित युवाओं पर दर्ज तथाकथित “फर्जी मुकदमों” को वापस लेने की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि ये तीनों मांगें पूरी नहीं हुईं तो नेशनल भीम आर्मी के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर-मंतर पर संवैधानिक अधिकारों के तहत बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।