HINDUSTAN NEWS TODAY, हरिद्वार जिले की प्रसिद्ध पीरन कलियर दरगाह (दरगाह साबिर पाक) की प्रबंधक रजिया बेग ने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित को अपना त्यागपत्र सौंप दिया है। जिलाधिकारी ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया और उन्हें तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया। साथ ही दरगाह की सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक गतिविधियों की जिम्मेदारी रूड़की के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को सौंप दी गई है।
रजिया बेग फरवरी 2023 में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष बहरोज आलम की पत्नी के तौर पर दरगाह प्रबंधक नियुक्त हुई थीं। यह नियुक्ति पूर्व प्रबंधक मोहम्मद हारून के विजिलेंस द्वारा रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद हुई थी।
नियुक्ति के कुछ ही महीनों बाद उनपर कई गंभीर आरोप लगे:
- नियाज़ (लंगर) दुकानों के टेंडर में मनमानी, जिसके विरोध में पूर्व सीएम हरीश रावत सहित कई जनप्रतिनिधियों व दुकानदारों ने धरना दिया था। बाद में टेंडर प्रक्रिया रद्द करनी पड़ी।
- 2024 के सालाना उर्स में व्यवस्थाएं समय पर न होने से अधिकारियों से फटकार लगी।
- एक पीआरडी जवान को निजी ड्राइवर बनाकर दरगाह कोष से पेट्रोल भरवाने का मामला RTI से सामने आया।
- उत्तराखंड वक्फ बोर्ड की विशेष जांच में ठेकों का बिना अनुमोदन संचालन, खातों से बिना अनुमति निकासी और भारी वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं।
इन आरोपों के बाद जिलाधिकारी ने रजिया बेग को कारण बताओ नोटिस जारी किया और उनके सभी वित्तीय अधिकार तत्काल प्रभाव से सीज कर दिए। नोटिस में 7 दिन में जवाब मांगा गया था। समय सीमा खत्म होने से पहले ही रजिया बेग ने व्यक्तिगत एवं पारिवारिक कारणों का हवाला देकर इस्तीफा दे दिया।
दरगाह कर्मचारियों ने इस्तीफे के बाद राहत की सांस ली है। अब वक्फ बोर्ड की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।