हरिद्वार (गौरव कुमार) रावली महदूद ब्रह्मपुरी से रामधाम को जोड़ने के लिए बनाई गई पुलिया एक रात भी नहीं टिक पाई। लाखों रुपये की लागत से निर्मित यह पुलिया 25 फरवरी की रात तैयार हुई और रात में ही किसी समय नाले में समा गई। 26 फरवरी की सुबह जब लोग सोकर उठे तो पुलिया नाले में धराशायी पड़ी हुई थी। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। स्थानीय लोग इसे सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण सामग्री का परिणाम बता रहे हैं।
जानकारी के अनुसार 7 फरवरी को रोशनपुरी से रामधाम को जोड़ने वाली इस पुलिया का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। 9 फरवरी को रानीपुर विधायक और वार्ड-12 की सभासद गरिमा सिंह ने मंत्रोच्चार के साथ इसका उद्घाटन किया। हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि उद्घाटन के समय भी निर्माण कार्य पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ था।
रावली महदूद ब्रह्मपुरी और रामधाम के बीच लंबे समय से सीधी कनेक्टिविटी की मांग की जा रही थी। लगभग दो से तीन हजार की आबादी को पिछले 17 दिनों से करीब दो किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही थी। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसी समस्या को देखते हुए रानीपुर विधायक ने पुलिया निर्माण का प्रस्ताव भेजा था, जिसे स्वीकृति मिलने के बाद कार्य शुरू कराया गया।
गजब : एक रात भी नहीं टिक पाई लाखों की पुलिया, रावली महदूद–रामधाम कनेक्टिविटी ठप, 9 फरवरी को विधायक ने किया था उदघाटन